Jay Shri Ram. मातृभूमि को मानना अगर आतंक है, में गर्व से कहता हूं सुन लो, आतंकी हूं आतंकी हूं… वन्देमातरम बोलना वर्जित हो अगर संविधान मे, तो सुन लो सत्ता के दलालों, आतंकी हूं आतंकी हूं… हर बार उपेक्षा के घूंट पिये, दिल बडा रखो आये सुनते, आराध्य देव श्रीराम को मैनें देखा है बिन घर होते… काशी तोडा मथुरा तोडा लूटा तुमने सोमनाथ को, चलो छोडो मुझको तंग किया पर बख्शा ना श्रीराम को… सत्य अहिन्सा के पथ पर मैने चलकर सबकुछ लुटवाया, हिन्दुत्व के दुश्मन औरंगजेब के वन्शजों को भी अपनाया… जरा कोई बतलाओ ऐसी घटना जहां मैने अत्याचार किया, बतलादो मुझको वो मस्जिद जिसका मक्का में दमन किया… अब बहुत चल लिये शान्ति मार्ग ये हिन्दु सिन्ह जायेंगे, धर्म रक्षा हेतु अब हम सागर मे भी अनल जलायेंगे… राणा प्रताप बन सारे योद्धा सनातन देश बना देंगे, पाकिस्तान तो क्या ये शेर काबुल में भगवा लहरा देंगे… विश्व शान्ति के दूत हैं हम, हिन्सक पशु ना कहलायेंगे’ पर धर्म रक्षा हेतु आवश्यक हुवा, फिर से महाभारत रचायेगें… भारत माँ की रक्षा खातिर, अगर चीन से लडना हमारा व्यर्थ था, तो कान खोल कर सुन लो “आतंकी हूं आतंकी हूं” “जय मां भारती…वन्दे मातरम” —
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