A Aarav Verma Love · Hindi · Romantic अपनी ही तरह से परेशान है हर कोई; इस तपती धूंप के लिए कोई दरख़्त नहीं है; किसी के पास खाने के लिये रोटी नहीं है; और किसी के पास रोटी खाने का वक़्त नहीं है... loveromanticअपनीतरहपरेशान 188 likes 24 shares WhatsApp Copy