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Prisha Deshmukh Life · Hindi · Life

आँखों में हमने आपके सपने सजाये हैं पलकें उठा के आपने जादू जगाये हैं सपना भी आप ही हैं, हकीकत भी आप हैं बस आप, आप, आप ही, मुझ में समाये हैं आँखों का रंग ढूंढा है हीरे तराश कर दिल में सजायेंगे ये रंग यूँ ही उम्रभर मुश्किल से जिन्दगी के रंग हाथ आये हैं दोहराये जायेंगे ना ये लम्हात अब कभी सपनोंमें भी ना छूटेगा ये साथ अब कभी मिलती है जिन्दगी जब आप मुस्कुराये हैं ये दिल कुछ ऐसे आप के सजदे में झुक गया नज़रे उठाई आपने, तो वक्त रुक गया ठहरे हुये पलों में जमाने बिताये हैं गीतकार : गुलज़ार, गायक : लता - किशोर, संगीतकार : खय्याम, चित्रपट : थोडीसी बेवफाई (१९८०)

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