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Myra Rao
Heartbreak · Hindi · Heartbreak
आज फिर हर सिम्त बिखरे हुए हैं आप मुस्कुराते फूल से निखरे हुए हैं आप बहके तेवर,अदा कातिल,नज़र तिरछी कुछ बात है, सांझ से संवरे हुए हैं आप इक जवां रात, सुलगी हुई सी तन्हाई और जलते नक्श से उभरे हुए हैं आप आपकी यादें बनी यूँ आंसुओं की झील दिल में पैहम दर्द से गहरे हुए हैं आप ये मेरी नज़रों में कुहरा उतरा आया है या खिड़कियों पर ओस से ठहरे हुए हैं आप...................
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