इतनी मोहब्बत करो ना मैं डूब ना जाऊं कहीं वापस किनारे पे आना मैं भूल ना जाऊं कहीं देखा जबसे चेहरा तेरा मैं तो हफ़्तों से सोया नहींबोल दो ना ज़रा दिल में जो है छिपा मैं किसी से कहूँगा नहीं मैं किसी से कहूँगा नहीं मुझे नींद आती नहीं है अकेले ख्वाबों में आया करो नहीं चल सकूँगा तुम्हारे बिना मैं मेरा तुम सहारा बनो इक तुम्हें चाहने के अलावा और कुछ हमसे होगा नहीं बोल दो ना ज़रा दिल में जो है छिपा मैं किसी से कहूँगा नहीं मैं किसी से कहूँगा नहीं
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