इन्साफ की डगर पे, बच्चों दिखाओ चल के ये देश है तुम्हारा, नेता तुम्हीं हो कल के दुनिया के रंज सहना और कुछ ना मुँह से कहना सच्चाईयों के बल पे, आगे को बढ़ते रहना रख दोगे एक दिन तुम, संसार को बदल के इन्साफ की डगर पे... अपने हों या पराए, सब के लिए हो न्याय देखो कदम तुम्हारा, हरगिज़ ना डगमगाए रस्ते बड़े कठिन हैं, चलना संभल-संभल के इन्साफ की डगर पे... इन्सानियत के सर पे, इज़्ज़त का ताज रखना तन मन की भेंट देकर, भारत की लाज रखना जीवन नया मिलेगा, अंतिम चिता में जल के इन्साफ की डगर पे... Movie/Album: गंगा जमुना (1961) Music By: नौशाद Lyrics By: शकील बदायुनी Performed By: हेमंत कुमार
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