एक फ्लैट में घंटी बजती है, 😁😁 और महिला जो घर में अकेली है... दरवाज़ा खोलती है... 😀😀 भिक्षुक: "माई, भिक्षा दे।"😀😀 महिला:"ले लो, महाराज..." भिक्षुक:"माई..., ज़रा यह द्वार पार करके बाहर तो आना।" 😛😛😛😛 वह द्वार पार करके बाहर आती है। भिक्षुक (उसे पकड़ते हुए ) : "हा... हा... हा... मैं भिक्षुक नहीं, रावण हूं !" 😛😛 महिला: "हा... हा... हा... मैं कहा सीता हूं, कामवाली बाई हूँ।" 😛😛😛 रावण : "हा..हा..हा.. सीता का अपहरण करके आज तक पछता रहा हूं, तुम्हें ले जाऊंगा तो मंदोदरी खुश हो जायेगी। उसे भी कामवाली बाई की ही ज़रूरत है..." 😛😛😛 महिला : "हा...हा... हा... पगले, सीता को ढूंढने सिर्फ राम आऐ थे ... मुझे ढुंढने सारी सोसायटी आएगी।" 😝😝😝😝😜😜😜
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