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Kiara Gupta Life · Marathi · General

एक लडकी थी दिवानीसी, एक लडके पे वो मरती थी, नजरे झुकाके शर्माके, गलियों से गुजरती थी. चोरी चोरी चुपके चुपके, चिठीयां लिखा करती थी. कुछ कहना था शायद ऊसको, जाने किसे डरती थी. जब भि मिलती थी मुझसे, मुझसे पुछा करती थी. प्यार कैसे होता है प्यार कैसे होता है, शुभ राञी मिञ and मैञिनीं नो जाने किसे डरती थी.

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