एक सुंदर कविता छोटी सी जिंदगी है, हर बात में खुश रहो। जो पास में ना हो, उनकी आवाज़ में खुश रहो। कोई रूठा हो तुमसे, उसके इस अंदाज़ में खुश रहो। जो लौट के नही आने वाले है, उन लम्हो कि याद में खुश रहो। कल किसने देखा है, अपने आज में खुश रहो। खुशियों का इन्तेजार किसलिए, दुसरो कि मुस्कान में खुश रहो। क्यूँ तड़पते हो हर पल किसी के साथ को , कभी तो अपने आप में खुश रहो। छोटी सी जिंदगी है, हर हाल में खुश रहो।
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