एहसान तेरा होगा मुझपर दिल चाहता है वो कहने दो मुझे तुम से मोहब्बत हो गयी है मुझे पलकों की छाँव में रहने दो तुम ने मुझको हँसना सिखाया रोने कहोगे रो लेंगे अब आँसू का हमारे गम ना करो वो बहते हैं तो बहने दो चाहे बना दो चाहे मिटा दो मर भी गए तो देंगे दुवाएं उड़ उड़ के कहेगी ख़ाक सनम ये दर्द-ए-मोहब्बत सहने दे गीतकार : हसरत जयपुरी, गायक : मोहम्मद रफी, संगीतकार : शंकर जयकिशन, चित्रपट : जंगली (१९६१)
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