कोई ये कैसे बताए!!! के वो तनहा क्यों है?😢 वो जो अपना था...वही और किसी का क्यों है? यही दुनिया है तो फिर..ऐसी ये दुनिया क्यों है? यही होता है तो...आखिर यही होता क्यों है???? इक ज़रा हाथ बढ़ा दे... तो पकड़ ले दामन... उस के सीने में समा जाए... हमारी धड़कन!!! इतनी कुर्बत है तो फ़िर.. फासला इतना क्यों है? दिल-ए-बरबाद से निकला नहीं ...अबतक कोई😢😢😢 इक लुटे घर पे दिया करता है ..दस्तक कोई!! आस जो टूट गयी है ..फिर से बंधाता क्यों है??? तुम मसर्रत का कहो या इसे ग़म का रिश्ता!!! कहते है प्यार का रिश्ता है ...जनम का रिश्ता!!! है जनम का जो ये रिश्ता ...तो बदलता क्यों है?? 💝💝💝💝💝💝💝💝🎊🎊🎊🎊🎊💝💝💝
116 likes
58 shares