V
Vanya Kulkarni
Good_Morning · Marathi · Good_Morning
*कभी ना कहो की* *दिन अपने ख़राब है* *समझ लो की हम* *काँटों से घिर गए गुलाब है* *"रखो हौंसला वो मंज़र भी आयेगा;* *प्यासे के पास चलकर समंदर भी* *आयेगा..!* *थक कर ना बैठो, ऐ मंजिल के मुसाफ़िर;* *मंजिल भी मिलेगी और* *जीने का मजा भी आयेगा...!!"* 🌸 *सुप्रभात *🌸
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