क्या क़यामत है की आरिज़ उनके नीले पड गए! हमने तो बोअसा लिया था ख़्वाब में तस्वीर का!! — मिर्ज़ा ग़ालिब. ************************************************ [शब्दार्थ: * क़यामत - प्रलय * आरिज़ - गाल * बोअसा - चुंबन]
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