कोशिश कर के देख ले, दरिया सारे, नदियाँ सारी दिल की लगी नहीं बुझती, बुझती हर चिंगारी सोला बरस की बाली उम्र को सलाम ऐ प्यार तेरी, पहली नजर को सलाम दुनिया में सब से पहले, जिस ने ये दिल दिया दुनिया के सब से पहले, दिलबर को सलाम दिलसे निकलने वाले, रस्ते का शुक्रिया दिल तक पहुचनी वाली डगर को सलाम जिस में जवान होकर, बदनाम हम हुए उस शहर, उस गली, उस घर को सलाम जिसने हमे मिलाया, जिसने जुदा किया उस वक्त, उस घड़ी, उस गजर को सलाम मिलते रहे यहाँ हम, ये है यहाँ लिखा इस लिखावट की जेरो ज़बर को सलाम साहिल की रेत पर यूँ लहरा उठा ये दिल सागर में उठने वाली हर लहर को सलाम इन मस्त गहरी गहरी, आँखों की झील में जिसने हमे डूबोया, उस भँवर को सलाम घूंघट को तोड़ कर जो सर से सरक गयी ऐसी निगोड़ी धानी चुनर को सलाम उल्फत के दुश्मनों ने कोशिश हजार की फिर भी नहीं झूकी जो, उस नजर को सलाम गीतकार : आनंद बक्षी, गायक : लता - अनुप जलोटा, संगीतकार : लक्ष्मीकांत प्यारेलाल, चित्रपट : एक दुजे के लिये (१९८१)
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