K
Krishna Deshmukh
Good_Morning · Marathi · Good_Morning
*किसी नन्हे बच्चे की मुस्कान देख कर कवि ने क्या खूब लिखा है*😆 *दौड़ने दो खुले मैदानों में,* *इन नन्हें कदमों को जनाब .!* *जिंदगी बहुत तेज भगाती है,* *बचपन गुजर जाने के बाद!!* *😊💐सुप्रभात💐😊* ☝😀🙏🙏🙏🙏🙏😄🤝
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