कैसे बदल दूँ मैं फितरत ये अपनी 💜🌹 मुझे तुम्हें सोचते रहने की आदत सी हो गई है इश्क़ है या इबादत है.. अब कुछ समझ नहीं आता.. एक खुबसूरत ख़्याल हो तुम.. जो दिल से नहीं जाता.. वादा था मुकर गया ... नशा था उतर गया❣️ दिल था भर गया .... इंसान था बदल गया.....❣️ कमजोरियाँ मत खोज मुझ में, मेरे दोस्त एक तू भी शामिल है, मेरी कमजोरियों मे💛 💛💕🌹💙💜💛💕💙💙💜💛💕🌹💙💜
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