किसीकी मुस्कुराहटों पे हो निसार किसीका दर्द मिल सके तो ले उधार किसीके वास्ते हो तेरे दिल में प्यार, जीना इसीका नाम है माना अपनी जेब से फकीर हैं फिर भी यारो दिल के हम अमीर हैं मिटे जो प्यार के लिये वो जिंदगी जले बहार के लिये वो जिंदगी किसीको हो ना हो हमें तो ऐतबार, जीना इसीका नाम है रिश्ता दिल से दिल के ऐतबार का ज़िंदा है हम ही से नाम प्यार का के मर के भी किसी को याद आयेंगे किसीके आँसुओं में मुस्कुरायेंगे कहेगा फूल हर कली से बार बार, जीना इसीका नाम है गीतकार : शैलेन्द्र, गायक : मुकेश, संगीतकार : शंकर जयकिशन, चित्रपट : अनाडी (१९५९)
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