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Vanya Mehta Good_Morning · Marathi · Good_Morning

*चलकर देखा है अक्सर, मैंने अपनी चाल से तेज "साहिब".!!* *पर वक्त, और तकदीर से आगे, कभी निकल न सका....* *जिनके पास अपने हैं*, *वो अपनों से झगड़ते हैं*... *जिनका कोई नहीं अपना*,🍁💕 *वो अपनों को तरसते हैं*..। *कल न हम होंगे न गिला होगा।* *सिर्फ सिमटी हुई यादों का सिललिसा होगा।*🍁💕 *जो लम्हे हैं चलो हंसकर बिता लें।* *जाने कल जिंदगी का क्या फैसला होगा।* *🙏🏻स्वस्थ रहे , मस्त रहे* 🙏🏻 🌻🌸 *सुप्रभात*🌸🌻

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