T Tara Mehta Love · Hindi · Romantic जिक्रा ना कर कलम से किसी हस्ती का मैं लिखता हूं दर्द पीरो के अपनी बस्ती का कभी हो मिलना आ जाना जलती तपिश हम दिखलाएंगे खुद्दारी वतन परस्ती का ।। loveromanticजिक्राकलमकिसी 174 likes 11 shares WhatsApp Copy