*"जिंदगी की सचाई"* *एक रस्सी है जिसका एक सिरा* *ख्वाहिशों ने पकड़ रखा है,* *और दूसरा औकात ने,* *इसी खींचातानी का नाम* *"जिंदगी" है......!* *"लोग चाहते हैं कि आप बेहतर करें, लेकिन ये भी सत्य है कि* *वो कभी नहीं चाहते कि आप उनसे* *बेहतर करें,*!!
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