A
Asha Kumar
Good_Morning · Marathi · Good_Morning
*जिन्हें फ़िक़र थी कल की* *वे रोए रात भर* *जिन्हें यकीन था रब पर* *वे सोए रात भर..!!!* *लोग शौक से कहते है की* *कोई किसीका नहीं,* *लेकिन कोई यह नहीं सोचता की* *हम किसके हुए !!* *परखो तो कोई अपना नही* *समझो तो कोई पराया नहीं* 🍁🍁सुप्रभात 🍁🍁
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