*जिस राह पर..* *हर बार मुझे....* *अपना कोई.. छलता रहा...*👨❤💋👨 *फिर भी...न जाने क्यूँ मैं..* *उसी राह पर ही चलता रहा* *सोचा बहुत.. इस बार..* *रोशनी नहीं.. धुँआ दूँगा*🙏 *लेकिन मैं चिराग था फ़ितरत से..* *जलना था .जलता रहा*
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