तुम मुझे यूँ भुला ना पाओगे हाँ तुम मुझे यूँ भुला ना पाओगे जब कभी भी सुनोगे गीत मेरे संग संग तुम भी गुनगुनाओगे हाँ तुम मुझे यूँ भुला ना पाओगे हो तुम मुझे यूँ वो बहारें वो चांदनी रातें हमने की थी वो प्यार की बातें वो बहारें वो चांदनी रातें हमने की थी वो प्यार की बातें उन नज़रों की याद आएगी जब ख्यालों में मुझको लाओगे हाँ तुम मुझे यूँ भुला ना पाओगे हो तुम मुझे यूँ मेरे हाथों में तेरा चेहरा था जैसे कोई गुलाब होता है मेरे हाथों में तेरा चेहरा था जैसे कोई गुलाब होता है और सहारा लिया था बाहों का वो शाम किस तरह भुलाओगे हाँ तुम मुझे यूँ भुला ना पाओगे हो तुम मुझे यूँ मुझको देखे बिना क़रार न था एक ऐसा भी दौर गुजरा है मुझको देखे बिना क़रार न था एक ऐसा भी दौर गुजरा है झूठ मानो तो पूछ लो दिल से मैं कहूँगा तो रूठ जाओगे हाँ तुम मुझे यूँ भुला ना पाओगे हो तुम मुझे यूँ rajeshdahiya गीतकार : हसरत जयपुरी, गायक : मोहम्मद रफी, संगीतकार : शंकर जयकिशन, चित्रपट : पगला कहीं का (१९७०)
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