तुम्हे और क्या दूँ मैं दिल के सिवाय तुम को हमारी उमर लग जाय मुरादें हो पूरी, सजे हर तमन्ना मोहोब्बत की दुनियाँ के तुम चाँद बनना बहारों की मंजिल पे हसना हसाना ख़ुशी में हमारी भी आवाज सुनना कभी जिंदगी में कोई ग़म ना आय मुझे जो ख़ुशी हैं तुम्हे क्या बताऊँ भला दिल की धडकनों को कैसे छिपाऊँ कही हो ना जाऊँ ख़ुशीसे मैं पागल तुम्हे देखकर और भी मुस्कुराऊँ खुद दिलजलों की नज़र से बचाय सितारों से ऊँचा हो रुतबा तुम्हारा बनो तुम हर एक जिंदगी का सहारा तुम्हे जिससे उल्फ़त हो मिल जाये तुमको समझलो हमारी दुवाँ का इशारा मुकद्दर तुम्हारा सदा झग़मगाय गीतकार : हसरत जयपुरी, गायक : लता मंगेशकर, संगीतकार : शंकर जयकिशन, चित्रपट : आयी मिलन की बेला - १९६४
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