धीमें से पढ़े बहुत ही अर्थपूर्ण है यह मेसेज… हम और हमारे ईश्वर, दोनों एक जैसे हैं। जो रोज़ भूल जाते हैं.. वो हमारी गलतियों को, हम उसकी मेहरबानियों को। वक़्त का पता नहीं चलता अपनों के साथ.. पर अपनों का पता चलता है, वक़्त के साथ.. वक़्त नहीं बदलता अपनों के साथ, पर अपने ज़रूर बदल जाते हैं वक़्त के साथ..!!! ज़िन्दगी पल-पल ढलती है, जैसे रेत मुट्ठी से फिसलती है.. शिकवे कितने भी हो हर पल, फिर भी हँसते रहना.. क्योंकि ये ज़िन्दगी जैसी भी है, बस एक ही बार मिलती है। शेयर जरूर करे ताकि दुसरे भी इसको पढ सके ।।
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