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Prisha Joshi Friendship · Hindi · Friendship

न आज लुत्फ़ कर इतना कि कल गुज़र न सके; वह रात जो कि तेरे गेसुओं की रात नहीं; यह आरजू भी बड़ी चीज़ है मगर हमदम; विसाले यार फकत आरजू की बात नहीं।

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