A
Atharv Nair
Friendship · Hindi · Friendship
ना जाने कब कोई अपना रूठ जाए; ना जाने कब कोई अश्क आँखों से छूट जाए; कुछ पल हमारे साथ भी मुस्कुरा लिया करो ए दोस्त; न जाने कब तुम्हारे दांत टूट जाएँ!
187 likes
66 shares