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Kabir Yadav Good_Morning · Hindi · Good_Morning

नीले गगन के तले, धरती का प्यार पले ऐसे ही जग में, आती हैं सुबहें, ऐसे ही शाम ढले शबनम के मोती, फूलों पे बिखरे, दोनों की आस फले नीले गगन के तले.. .. बलखाती बेले, मस्ती में खेले, पेड़ों से मिल के गले नीले गगन के तले.. .. नदियाँ का पानी, दरियाँ से मिल के, सागर की ओर चले नीले गगन के तले.. .. गीतकार : साहिर लुधियानवी, गायक : महेंद्र कपूर, संगीतकार : रवी, चित्रपट : हमराज (1967)

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