प्यार हुआ, इकरार हुआ है प्यार से फिर क्यों डरता है दिल कहता है दिल रस्ता मुश्किल मालूम नही, है कहाँ मंज़िल कहो की अपनी प्रीत का गीत ना बदलेगा कभी तुम भी कहो इस राह का मीत ना बदलेगा कभी प्यार जो टूटा, साथ जो छुटा चाँद ना चमकेगा कभी राते दसो दिशाओं से, कहेंगी अपनी कहानियाँ गीत हमारें प्यार के दोहराएगी जवानियाँ मैं ना रहूंगी, तुम ना रहोगे फिर भी रहेंगी, निशानियाँ गीतकार : शैलेन्द्र, गायक : लता - मन्ना डे, संगीतकार : शंकर जयकिशन, चित्रपट : श्री ४२० (१९५५)
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