पर्बत के पिछे चंबे दा गाव गाव मे दो प्रेमी रहते है... हम तो नही वो दिवाने जिन को दिवाने लोग करते है… उनकी बाते सुनते है क्यु छुपकर सब जाने क्या क्या बाते करते रहते, है वो अब जाने उन दोनोंको निंद नही आती क्यु रब जाने तारो के साथ वो, जगते है रात को झरनों के साथ बहते है... मिलेंगे या बिछडेगे हाय राम क्या होगा ना जाने इन दोनो का अंजाम क्या होगा मुफ्त मे हो जायेंगे, बदनाम क्या होगा घर से निकल के, रस्ते पे चल के ताने हजार सहते है …. गाव मे दो प्रेमी रहते है …. गायक : किशोर कुमार , लता मंगेशकर गीतकार : आनंद बक्षी संगीतकार : आर.डी. बर्मन चित्रपट : मेहबूबा ( १९७६ )
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