प्रेरणादायक हिंदी कविता रिश्तों के इस जाल में, कैसे रहते हो इस हाल में क्यूँ बुन रहे हो ये जाल, कौन अपना है कौन पराया इस जाल में फँस जाओगे एक दिन, आँख खुलेगी तो पछताओगे एक दिन ये हिन्दू , ये मुस्लिम , ये…
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प्रेरणादायक हिंदी कविता रिश्तों के इस जाल में, कैसे रहते हो इस हाल में क्यूँ बुन रहे हो ये जाल, कौन अपना है कौन पराया इस जाल में फँस जाओगे एक दिन, आँख खुलेगी तो पछताओगे एक दिन ये हिन्दू , ये मुस्लिम , ये…