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Riya Das Life · Marathi · General

प्रार्थना ! सुकून उतना ही देना प्रभु , जितने से ज़िदगी चल जाऍ ! औकात बस इतनी देना की , औरों का भलाहो जाऍं ! रिश्तों मॆ गहराई इतनी हों कि प्यार से निभ जाऍं ! आंखों मॆ शर्म इतनी देना कि , बुजुर्गो का मान रख पायें ! सांसें पिंजर मॆ इतनी हो की , बस नेक काम कर जाऍं ! बाकी उम्र ले लेना की, औरों पर बोज न बन जाऍं !

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