फूलों का, तारों का, सबका कहना है एक हजारों में मेरी बहना है सारी उमर, हमें संग रहना है किशोर कुमार ---------- जबसे मेरी आँखों से हो गयी तू दूर तबसे सारे जीवन के सपने हैं चूर आँखों में नींद ना मन में चैना है एक हजारों में... देखो हम तुम दोनों हैं इक डाली के फूल मैं ना भूला, तू कैसे मुझको गई भूल आ मेरे पास आ, कह जो कहना है एक हजारों में... जीवन के दुखों से यूँ लड़ते नहीं हैं ऐसे बच के सच से गुज़रते नहीं हैं सुख की है चाह तो, दुःख भी सहना है एक हज़ारों में... लता मंगेशकर ---------- ये न जाना दुनिया ने, तू है क्यों उदास तेरी प्यासी आँखों में, प्यार की है प्यास आ मेरे पास आ, कह जो कहना है एक हजारों में... भोली-भाली जापानी गुड़िया जैसी तू प्यारी-प्यारी जादू की पुड़िया जैसी तू डैडी का, मम्मी का, सबका कहना है सारी उमर हमें.. चित्रपट : हरे रामा हरे कृष्णा (1971) संगीतकार : आर.डी.बर्मन गीतकार : आनंद बक्षी गायक : किशोर कुमार, लता मंगेशकर
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