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Tara Deshmukh Humor · Mixed · Humor

भूले से मत कीजिये, नारी का अपमान । नारी जीवन दायिनी, नारी है वरदान II माँ बनकर देती जनम, पत्नी बन संतान। जीवन भर छाया करे, नारी वृक्ष समान II नारी भारत वर्ष की, रखे अलग पहचान। ले आई यमराज से, वापस पति के प्रान II नारी कोमल निर्मला, होती फूल समान। वक्त पड़े तो थाम ले, बरछी तीर कमान II नारी के अंतर बसे, सहनशीलता आन। ये है मूरत त्याग की, नित्य करे बलिदान II नारी को मत मानिये, दुर्बल अबला-जान। दुर्गा काली कालिका, नारी है तूफ़ान II युगों-युगों से ये जगत, ठहरा पुरुष प्रधान । कदम-कदम पर रोकता, नारी का उत्थान II जितना गाओ कम लगे, नारी का गुणगान। जी चाहे कण-कण करे, नारी का सम्मान ।।

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