भँवरा बड़ा नादान हाय, बगियन का मेहमान हाय फिर भी जाने ना, जाने ना, जाने ना कलियन की मुस्कान हाय कभी उड़ जाए, कभी मंडलाए भेद जिया के खोले ना सामने आए, नैन मिलाए मुख देखे कुछ बोले ना अँखियों में रजके, चले बच बचके जैसे हो कोई बेगाना रहे संग दिल के, मिले नहीं मिल के बन के रहे वो अन्जाना कोई जब रोके, कोई जब टोके गुनगुन करता भागे रे ना कुछ पूछे, ना कुछ बुझे कैसा अनाड़ी लागे रे गीतकार : शकिल बदायुनी, गायक : आशा भोसले, संगीतकार : हेमंत कुमार, चित्रपट : साहिब बिबी और गुलाम (१९६२)
220 likes
31 shares