‘मैं जहां रहूं, मैं कहीं भी हूं, तेरी याद साथ है। किसी से कहूं, के नहीं कहूं, ये जो दिल की बात है। कहने को साथ अपने, एक दुनिया चलती है। पर झुक के इस दिल में, तन्हाई पलती है। तेरी याद… साथ है, तेरी याद साथ है।
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