S Saanvi Nair Love · Hindi · Romantic मैं भूल जाऊँ तुम्हें अब यही मुनासिब है मगर भुलाना भी चाहूँ तो किस तरह भूलूँ के तुम तो फिर भी हक़ीक़त हो कोई ख़्वाब नहीं यहाँ तो दिल का ये आलम है क्या कहूँ................💝💝💝💝💝💝💝 loveromanticमैंभूलजाऊँ 176 likes 14 shares WhatsApp Copy