मै हूँ एक चिड़िया सी बाबा तेरा घर ना मेरा ढिकाना चुग के अपने हिस्से का दाना एक दिन मुझे दूजे घर जाना फ़िर क्यों ना मुझे तू जीने देता अपने पंख फेलाने देता तेरा सहारा बन जाऊँगी हर मुश्किल को सह जाउंगी फ़िर क्यों ना मूझे एक सागर देता तेरी कश्ती बन जाऊँगी पार ख़ुशी से कर जाऊँगी बस मुझसे तू इतना कह दे तू बस मेरे साथ है हर दम Read more...
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