A
Aadhya Verma
love · hindi · romantic
मला आवडलेली गज़ल .... हक़ीक़त हूँ कोई कहानी नही हूँ। तेरी आँख का ख़ुश्क पानी नही हूँ।। हूँ ठहरा हुआ एक लम्हा-ए-साहिल मैं मौजों में बहती रवानी नही हूँ।। हूँ यादों की मीठी कोई झील जैसे। किसी प्यास जैसी निशानी नही हूँ।। वफ़ाओं की राहों की मंज़िल हूँ मैं ही हो भटकी हुई वो जवानी नही हूँ।। दुआओं में अक्सर कज़ा चाहती हो। मैं ऐसी थकी ज़िंदगानी नही हूँ।। जो मुझको छुए खुद महकने लगे है। मैं "सन्दल"हूँ मैं रातरानी नही हूँ।।
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