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Vihaan Pawar Friendship · Hindi · Friendship

मस्जिद मे जमाअत के दौरान उस का मोबाइल बजने लगा...... . नमाज खतम हुई तो इमाम साहब समेत नमाजियों ने भी ज़लील कर दिया .... . वो शरम से पानी पानी होता मस्जिद से बाहर निकल आया और खुद से हम कलाम हुआ के अब मस्जिद नहीं आउंगा....😪😪 . . कुछ दिन बाद उसके दोस्त उसे क्लब ले गये .... . . वहाँ उसके हाथ से ग्लास गिर कर टुट गया ,वो मैनेजर को अपनी तरफ आते देख कर डर गया, .. . . मैनेजर ने आते ही पूछा सर आपको लगी तो नहीं ? 😋 वो हैरान 😳होकर उसे देखता रहा और मुश्किल से नहीं का लफज मुँह से निकला....... . . मैनेजर ने वेटर को बोला --सर को दूसरा ग्लास दो ...... . फिर वो खुद से हम कलाम हुआ ....अब मैं रोज़ क्लब आया करुगा क्लब वाले मेरी इज्जत करते हैं ........... . . . क्या हम नरमी से नहीं बोल सकते ....?? क्या मस्जिद के लोग उस आदमी के पास जाकर प्यार से उसके घर की ख़ैरियत नही पूछ सकते थे ? के भाई जान ख़ैरियत है ?.. . आपको नमाज के वक्त काल आई ...कोई इमेरजेंसी या हमारी मदद की जरूरत तो नही ? एक ख़ामोश मेसिज। हो सकता है मेरे और आप के नज़रिये में फ़र्क़ हो , फिर भी सोचिये ज़रूर

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