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Dhruv Pawar Love · Hindi · Romantic

मोहताज नहीं मैं किसी के अहसानों का ,अपनी मंजीलो को खुद ही पाना सीखा हैं , कईयों ने रोकना चाहा बढ़ते कदमों को ,कश्तीयों को पार लगाना खुद ही सीखा हैं .

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