Back to feed
A
Arjun Deshmukh Love · Hindi · Romantic

ये किसका तसव्वुर है ये किसका फ़साना है जो अश्क है आँखों में तस्बीह का दाना है जो उनपे गुज़रती है किसने उसे जाना है अपनी ही मुसीबत है अपना ही फ़साना है आँखों में नमी-सी है चुप-चुप-से वो बैठे हैं नाज़ुक-सी निगाहों में नाज़ुक-सा फ़साना है ये इश्क़ नहीं आसाँ इतना तो समझ लीजे इक आग का दरिया है और डूब के जाना है या वो थे ख़फ़ा हमसे या हम थे ख़फ़ा उनसे कल उनका ज़माना था आज अपना ज़माना है

44 likes 18 shares
WhatsApp