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Vivaan Mehta
Good_Morning · Hindi · Good_Morning
यादों के धागों में हमतुम बंधे हैं, जरा डोर तुम थाम लो बाहों में फिर से पिघल जाने दो मुझ को, फिर से मेरा नाम लो मैं वो शमा हूँ जो रोशन तुम्हे कर के खूद तो पिघल जाऊँगी, सुबह का सूरज तुम्हारे लिए है, मैं हूँ रात ढ़ल जाऊँगी ऐसा मिलन फिर हो ना हो, सबकुछ मेरा तुम ही तो हो..............
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