S Shaurya Singh Life · Hindi · Life यूनानी मिश्र और रोमी सब मिट गये जहाँ से; अब तक मगर हैं बाकी नाम-ओ-निशा हमारा; कुछ बात हैं के हसती मिटती नहीं हमारी; सदियों रहा हैं दुश्मन दौर-ए-जहाँ हमारा। lifeयूनानीमिश्ररोमीमिट 188 likes 26 shares WhatsApp Copy