A
Aadhya Bhat
Good_Night · Mixed · Good_Night
रोज़ *याद* न कर पाऊँ तो *खुदग़रज़* ना समझ लेना, दरअसल छोटी सी *जिन्दगी* है। और *परेशानियां* बहुत हैं..!! मैं *भूला* नहीं हूँ *किसी* को... मेरे बहुत *अच्छे दोस्त है ज़माने में* .. बस *जिंदगी उलझी पड़ी* है .. *दो वक़्त की रोटी कमाने में।.* . . 😊😊🌹🌹 🌾🍁Good Night!!🌾🍁 🌾🍁Sweet Dreams!!🌾🍁
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