रोते हुये आते हैं सब, हसता हुआ जो जायेगा वो मुकद्दर् का सिकंदर, जान-ए-मन कहलायेगा वो सिकंदर क्या था जिसने जुल्म से जीता जहां...२ प्यार से जीते दिलों को वो झुका दे आसमान जो सितारों पर कहानी प्यार की लिख जायेगा.. वो मुकद्दर का सिकंदर.. जिंदगी तो बेव़फा है एक दिन ठुकरायेगी..२ मौत मेहबूबा है अपने साथ लेकर जायेगी मर के जीने की अदा जो दुनिया को सिखलायेगा.. वो मुकद्दर का सिकंदर.. हमने माना ये जमाना दर्द की जागिर है..२ हर कदम पे आसूओं की एक नई जंजीर है साज़-ए-ग़म पर जो खुशी के गीत गाता जायेगा वो मुद्दे का सिकंदर... शुभरात्री 😊
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