Back to feed
R
Reyansh Mehta Humor · Hindi · Humor

वह प्राइमरी स्कूल की टीचर थी | सुबह उसने बच्चो का टेस्ट लिया और उनकी कॉपियाँ जाँचने के लिए घर ले आई | एक बच्चे की कॉपी देखते देखते उसके आंसू बहने लगे | पति ने रोने का कारण पूछा । टीचर बोली , “सुबह मैंने बच्चो को ‘मेरी सबसे बड़ी ख्वाइश’ विषय पर कुछ पंक्तिया लिखने को कहा था । एक बच्चे ने इच्छा जाहिर की है की भगवन उसे मोबाइल बना दे | यह सुनकर पतिदेव हंसने लगे | टीचर बोली , “आगे तो सुनो बच्चे ने लिखा है यदि मै मोबाइल बन जाऊंगा, तो घर में मेरी एक खास जगह होगी और सारा परिवार मेरे इर्द-गिर्द रहेगा | जब मै बोलूँगा, तो सारे लोग मुझे ध्यान से सुनेंगे | मुझे रोका टोका नहीं जायेंगा और नहीं उल्टे सवाल होंगे | पापा ऑफिस से आने के बाद थके होने के बावजूद मेरे साथ बैठेंगे | मम्मी को जब तनाव होगा, तो वे मुझे डाटेंगी नहीं, बल्कि मेरे साथ रहना चाहेंगी | मेरे बड़े भाई-बहनों के बीच मेरे पास रहने के लिए झगडा होगा | यहाँ तक की जब मोबाइल बंद रहेंगा, तब भी उसकी अच्छी तरह देखभाल होंगी | और हाँ, मोबाइल के रूप में मै सबको ख़ुशी भी दे सकूँगा | “ यह सब सुनने के बाद पति भी थोड़ा गंभीर होते हुए बोला , ‘हे भगवान ! बेचारा बच्चा …. उसके माँ-बाप तो उस पर जरा भी ध्यान नहीं देते !’ टीचर पत्नी ने आंसूं भरी आँखों से उसकी तरफ देखा और बोली, “जानते हो, यह बच्चा कौन है? हमारा अपना बच्चा…… हमारा छोटू |” सोचिये, यह छोटू जैसा किस्सा कही आपके बच्चे का भी तो नहीं । मित्रों , आज की भाग-दौड़ भरी ज़िन्दगी में हमें वैसे ही एक दूसरे के लिए कम वक़्त मिलता है , और अगर हम वो भी सिर्फ टीवी देखने , मोबाइल पर खेलने और फेसबुक में गँवा देंगे तो हम कभी अपने रिश्तों की अहमियत और उससे मिलने वाले प्यार को नहीं समझ पायेंगे। रिश्तों को प्यार कीजिये । उन्हें समय दीजिये ।

191 likes 68 shares
WhatsApp