शायद मेरी शादी का ख़याल दिल मे आया है इसीलिए मम्मी ने मेरी तुम्हे चाय पे बुलाया है क्या कहा फिर से दोहराना ना शायद मेरी शादी... पंछी अकेला देख के मुझे ये जाल बिछाया है इसीलिए मम्मी ने तेरी मुझे चाय पे बुलाया है क्यो है ना नही-नही ठीक तुम चार बजे घर चले आना, मेरा हाथ माग लेना ज़रा ना शरमाना.. सात फेरे मेरे संग सपने देख रही हो खिली हुई धुप मे तारे देख रही हो अरे नही बाबा चाय नही पीना क्यो.. तौबा मेरी तौबा माफ़ कर देना इन्ही अदाओ पर तो हाय अपना दिल आया है इसीलिए मम्मी ने मेरी... ना ना ना ना.. पंछी अकेला देख... दिल्लगी ना करो छेड़ो ना हमको सनम, हा कहो घर चलो तुमको मेरी क़सम.. जान-ए-मन माना हम तुमपे मरते है प्यार तो ठीक है शादी से डरते है शादी से पहले तो सब अच्छा लगता है सारी उम्र को फिर रोना पड़ता है इन्ही अदाओ पर तो हाय अपना दिल आया है इसीलिए मम्मी ने मेरी... ओ पंछी अकेला देख... तुम्हे मेरी क़सम आओगे ना नही बिलकुल नही हा तेरी क़सम आऊगा गीतकार : सावनकुमार संगीतकार : उषा खन्ना गायक : लता मंगेशकर , किशोरकुमार चित्रपट : सौतन ( 1983 )
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