Back to feed
S
Sahil Patel Humor · Hindi · Humor

```"सौ के नोट ने , हज़ार -पांच सौ के नोट से जिज्ञासा जताई , अब कैसा लग रहा है बड़े भाई , यह सुनकर हज़ार का नोट मुस्कराया , बोला -पूंजीपतियों ,हवाला और , आतंकवादियों ने बहुत रुलाया , न चाहते हुए भी हम , आतंकवाद में चल रहे थे , देश के सुनहरे पृष्ठ , हमारी आंच में जल रहे थे , अब हम देश की माटी का , क़र्ज़ चुका रहे हैं , किसी सैनिक की तरह , शहीद होकर जा रहे हैं , पर हमें अपनी शहादत पर गर्व है ! क्योंकि मेरी शहादत , सुनहरे भविष्य का "महापर्व" है !!"```

240 likes 45 shares
WhatsApp