हमे और जीने की चाहत ना होती अगर तुम ना होते, अगर तुम ना होते तुम्हे देख के तो लगता हैं ऐसे बहारों का मौसम आया हो जैसे दिखायी ना देती, अंधेरों में ज्योती अगर तुम ना होते.. हमे जो तुम्हारा सहारा ना मिलता भंवर में ही रहते, किनारा ना मिलता किनारे पे भी तो, लहर आ डूबोती अगर तुम ना होते.. न जाने क्यो दिल से, ये आवाज़ आयी मिलन से हैं बढ़ के, तुम्हारी जुदाई इन आँखों के आँसू ना कहलाते मोती अगर तुम ना होते.. गीतकार : गुलशन बावरा, गायक : किशोर कुमार, संगीतकार : राहुलदेव बर्मन, चित्रपट : अगर तुम ना होते - 1983
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